Sunday, November 7, 2010

शुभ दीपावली.

दीप जगमग जल उठे, हो देश उजियारा |
न रहे तिल भर धरा पर कोई अँधियारा ||
...................................शुभ दीपावली.





जगमग दियना बरय सबर दिन 
     घर घर होय  देवारी
अन धन सुख सम्पत बाढय       
    झडकय   दूध बियारी  
देवारी तिहार के गाड़ा गाड़ा बधई

           

.......................सुकवि बुधराम यादव




3 comments:

गिरीश बिल्लोरे said...

हार्दिक शुभ कामनाएं
दादाजी को प्रणाम
बराक़ साहब के नाम एक खत
महाजन की भारत-यात्रा

फ़िरदौस ख़ान said...

सुन्दर अभिव्यक्ति...शुभकामनाएं...

Udan Tashtari said...

हार्दिक शुभकामनाएं